Rajasthan Updates

All blog posts

Explore the world of design and learn how to create visually stunning artwork.

Rajasthan ki Pramukh Bavdiya राजस्थान की प्रमुख बावड़ियां

September 5, 2023 | by RAVI

Rajasthan Awasan Mandal Admit Card 2023 राजस्थान आवासन मंडल एडमिट कार्ड जारी

September 2, 2023 | by RAVI

Rajasthan BSTC Questions Paper 28 August 2023 आज आयोजित बीएसटीसी प्रश्न पत्र यहां से डाउनलोड करें

August 28, 2023 | by RAVI

Asia Cup 2023 Schedule एशिया कप 2023 का शेड्यूल

August 24, 2023 | by RAVI

Chandrayaan 3 Vikram Lander and Pragyan Rover विक्रम लैंडर रोवर प्रज्ञान चंद्रमा पर क्या करेंगें

August 24, 2023 | by RAVI

Rajasthan GNM 2nd Year Result 2023 राजस्थान जीएनएम द्वितीय वर्ष का परिणाम जारी

August 19, 2023 | by RAVI

Rajasthan Awasan Mandal Vacancy 2023 राजस्थान आवासन मंडल भर्ती का नोटिफिकेशन जारी

August 19, 2023 | by RAVI

Rajasthan Mahatma Gandhi Seva Prerak Vacancy 2023 राजस्थान महात्मा गांधी सेवा प्रेरक भर्ती 2023 का नोटिफिकेशन जारी

August 16, 2023 | by RAVI

Har Ghar Tiranga Abhiyan Certificate 2023 हर घर तिरंगा अभियान सर्टिफिकेट

August 15, 2023 | by RAVI

Biparjoy Cyclone in Rajasthan Update राजस्थान में बिपरजॉय तूफान

June 17, 2023 | by RAVI

Rajasthan ki Pramukh Bavdiya राजस्थान की प्रमुख बावड़ियां राजस्थान में प्राचीन समय में पीने के पानी के लिए अनेक बावड़ियों का निर्माण किया गया। Rajasthan ki Bavdiya, Rajasthan ke prasiddh bavdiya राजस्थान में प्राचीन समय में सिंचाई एवं पीने के पानी की उपलब्धता के लिए बावड़ियों का निर्माण किया गया था । इस कारण राजस्थान में अनेक बावड़ियों स्थित है । इस पोस्ट को अंत तक पढ़ कर आप राजस्थान में स्थित प्रमुख बावड़ियों के बारे में जा सकते हैं ।

Rajasthan ki Pramukh Bavdiya

Rajasthan ki Pramukh Bavdiya चांद बावड़ी, आभानेरी

इस बावड़ी का निर्माण चंदा या चंद्रा ने 8वीं से 9वीं शताब्दी में करवाया था । 13 मंजिल की चांद बावड़ी के अंदर 3,500 सीढ़ियां हैं । चांद बावड़ी में नीचे की दो ताखों में गणेश एवं महिषासुरमर्दिनी की भव्य प्रतिमाएं है, जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाती है । चांद बावड़ी का आकार चौकोर है । यह बावड़ी हर ओर से 35 मीटर लंबी है । इस बावड़ी के नीचे एक लंबी सुरंग है, जो भांडारेज स्थित बड़ी बावड़ी से होती हुई आलूदा गांव के कुंड कुबाणा तक जाती है ।

रानी जी की बावड़ी बूंदी

बूंदी में तकरीबन 71 छोटी-बड़ी बावड़ियां है । बूंदी को बावड़ियों का शहर भी कहा जाता है । रानी जी की बावड़ी का निर्माण राजा अनिरुद्ध सिंह की रानी राजमाता नाथावती ने 1699 ईस्वी में अपने पुत्र बुध सिंह के शासनकाल में करवाया था । बूंदी की सुंदरतम रानी जी की बावड़ी की गणना एशिया की सर्वश्रेष्ठ बावड़ियों में की जाती है । इस कलात्मक बावड़ी में प्रवेश के लिए तीन दरवाजे हैं । रानी जी की बावड़ी की गहराई लगभग 46 मीटर है ।

नीमराना की बावड़ी

नीमराना की बावड़ी का निर्माण 18वीं सदी में राजा टोडरमल ने नीमराना, अलवर में करवाया था । यह बावड़ी नौ मंजिला है । इसकी लंबाई 250 फीट व चौड़ाई 80 फीट है । मध्यकालीन इंजनीयरिंग का अद्भुत नमूना यह है की इस नौ मंजिला नीमराना बावड़ी के निचले भाग में तापमान 19 डिग्री कम हो जाता है ।

हाड़ी रानी की बावड़ी, टोडारायसिंह

Rajasthan ki Pramukh Bavdiya हाड़ी रानी बावड़ी का निर्माण बूंदी की राजकुमारी हाड़ी रानी ने लगभग 16 वीं शताब्दी में करवाया था । जिनका विवाह सोलंकी शासक से हुआ था ।

भांडारेज की बावड़ी

भांडारेज दौसा में स्थित यह बावड़ी राजस्थान की प्राचीन शिल्पकला का सुंदर उदाहरण है । भांडारेज की बावड़ी को बड़ी बावड़ी भी कहते है । यह बावड़ी तीन मंजिला एतिहासिक बावड़ी है । यह बावड़ी अपनी कलात्मक छतरियों, मेहराबों और नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है ।

ओसियां बावड़ी, जोधपुर

ओसियां बावड़ी के एक तरफ मंदिरों का समूह तथा दूसरी तरफ रेगिस्तान है । ओसियां बावड़ी जोधपुर से 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । उसियां में मां सच्चीयाय का भव्य मंदिर है । वर्तमान में ओसियां में 18 स्मारक एवं दो बावड़ी स्थित है ।

मेड़तनी की बावड़ी, झझुनूं

मेड़तनी की बावड़ी झुंझुनूं में स्थित है । मेड़तनी की बावड़ी का निर्माण शार्दूल सिंह झुंझुनूं के मरणोपरांत उनकी पत्नी बख्त कंवर ने अपने पति की याद कायम रखने के लिए पीपल चौक तथा मनसा देवी के बीच करवाया था ।

अन्य बावड़ियां

Important Links

Join Telegram ChannelClick Here
Home PageClick Here

राजस्थान में बावड़ियों का शहर किसे कहते है ?

राजस्थान में बावड़ियों का शहर बूंदी को कहते है ।

चांद बावड़ी का निर्माण किसने करवाया था ?

चांद बावड़ी का निर्माण चंदा या चंद्रा ने 8वीं से 9वीं शताब्दी में करवाया था ।

राजस्थान के बूंदी जिले में स्थित रानी जी की बावड़ी का निर्माण किस रानी ने करवाया था ?

रानी जी की बावड़ी का निर्माण राजा अनिरुद्ध सिंह की रानी राजमाता नाथावती ने 1699 ईस्वी में अपने पुत्र बुध सिंह के शासनकाल में करवाया था ।

घोसुण्डी बावड़ी का निर्माण किसने करवाया था ?

घोसुण्डी बावड़ी का निर्माण मेवाड़ महारणा रायमल की पत्नी श्रंगार देवी ने घोसुण्डी नामक गांव चित्तौड़गढ़ में करवाया ।

नौलखा बावड़ी का निर्माण किसने करवाया ?

नौलखा बावड़ी का निर्माण महाराजा आसकरण की रानी प्रीमलदे द्वारा करवाया गया था ।

बावड़ियों में सीढ़िया क्यों बनाई जाती थी ?

बावड़ियों में सीढ़िया पानी तक पहुचने के लिए बनाई जाती थी ताकि सीढ़ियों के माध्यम से पानी तक पहुच कर पीने के लिए पानी लाया जा सके ।