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Atal Bhujal Yojana Rajasthan अटल भुजल योजना राजस्थान

January 8, 2024 | by RAVI

Atal Bhujal Yojana Rajasthan अटल भुजल योजना राजस्थान अटल भूजल योजना भारत सरकार एवं विश्व बैंक के सहयोग से 50-50% देश के सात राज्यों क्रमशः हरियाणा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश राज्यों में भू-जल के गिरते स्तर को रोकने, Atal Jal, Atal Bhujal Yojana भू-जल को बेहतर प्रबंधन हेतु 1 अप्रैल 2020 को लागू की गई है । जिसमें राजस्थान राज्य को भी शामिल किया गया है । यह योजना 5 वर्ष 2020-21 से वर्ष 2024-25 तक के लिए है ।

Atal Bhujal Yojana Rajasthan

Atal Bhujal Yojana Rajasthan तीन मुख्य घटक

  • गिरते भू-जल स्तर को रोकना ।
  • जन सहभागिता द्वारा भू-जल प्रबंधन को मजबूत करना ।
  • समुदाय के व्यवहार में परिवर्तन ।

Atal Bhujal Yojana Rajasthan

Atal Bhujal Yojana Rajasthan अटल भू-जल योजना के अंतर्गत राज्य के विभिन्न विभागों कृषि विभाग, जल संसाधन, जल स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग, जल गृहण विभाग एवं मृदा संरक्षण विभाग द्वारा केंद्रीय एवं राज्य की विभिन्न योजनाओं के आपसी समन्वय के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता से भूजल क्षेत्रों में कुशलतम जल प्रबंधन को बढ़ावा देने, गिरते भू-जल स्तर की दर में रोकथाम करने एवं समुदाय के जल के प्रति व्यवहार परिवर्तन में प्रमुख उद्देश्य से संचालित की गई थी ।

Atal Bhujal Yojana Rajasthan कार्य

  • अटल भू-जल योजना के क्रियान्वयन के दौरान किए जाने वाले जल संरक्षण कार्यक्रम के माध्यम से भू-जल संसाधनों में होने वाले परिवर्तनों के आकलन के लिए भू-जल विभाग द्वारा विभिन्न ग्राम पंचायत में, जहां विभाग द्वारा पहले से भू-जल स्तर मापन केंद्र नहीं है । उन स्थानों पर नवीन पिजोमिटर्स का निर्माण कराया जाएगा । बांदीकुई पंचायत समिति में कुल 21 स्थानों पर नवीन पिजोमीटर की स्थापना की जाएगी ।
  • प्रत्येक ग्राम पंचायत में काम से कम 10 किसानों का जल उपयोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से भू जल दोहन की इकाई यथा कुआ, नलकूप पर वॉटर मीटर की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है ।
  • समुदाय को भू-जल संसाधन एवं भू-जल स्तरों की जानकारी देने के लिए सभी ग्राम पंचायत में वाटर लेवल साउंडर भी उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है । जिससे समुदाय अपने क्षेत्र में वर्षा पूर्व एवं वर्षा पश्चात भू-जेल स्तर में होने वाले परिवर्तनों का आकलन स्वयं कर सके ।
  • समुदाय को जल के प्रति संवेदनशील, उपलब्ध जल का कुशलतम उपयोग, परिवर्तन फसल चक्र, एवं क्षेत्र की परिस्थिति के अनुसार जल संरक्षण को बढ़ावा देने डीआईपी के माध्यम से समुदाय को जागरुक किए जाने का भी प्रावधान है ।
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